Connect with us

झुंझुनू

राजस्थान की पहली, प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट बनने वाली झुंझुनू की बेटी सुप्रिया चौधरी की कहानी

Published

on

एक बार फिर हम आपके लिए लाए हैं एक प्रेरणादायक कहानी। कहानी राजस्थान की एक ऐसी बेटी की जो देश की सेना में रह करके देश की सेवा कर रही है। तिरंगे की आन बान शान बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर है। आज कहानी लाए हैं, सुप्रिया चौधरी की। राजस्थान के जिले झुंझुनू के अलसीसर तहसील गांव गोखरी में सुप्रिया चौधरी का जन्म हुआ।

सुप्रिया चौधरी राजस्थान की पहली लेफ्टिनेंट बनी। वह देश की दूसरी महिला है जो इस पद पर पहुंच पाई है। सुप्रिया चौधरी एक कठिन परीक्षण और मेहनत करके इस पद तक पहुंच पाई हैं। यही नहीं देश के पहले नागरिक यानी माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और आर्मी चीफ भी उनकी तारीफ कर चुके हैं। सुप्रिया चौधरी प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट पद पर कार्यरत है। प्रादेशिक सेना भारतीय सेना का ही अंग है। उसी की इकाई के तौर पर यह सेना काम करती है।

आपात स्थिति में इस सेना की सेवा रक्षा करने के लिए भी ली जाती है। बात करें तो यह आर्मी यानी रेगुलर आर्मी का ही एक अंश है। जो रेगुलर आर्मी की सहायता, समुद्र तट की रक्षा करना व अन्य यूनिट के लिए व्यवस्था करना तथा देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी जैसे कार्य में अपना सहयोग करती है।

अपनी सफलता के पीछे सुप्रिया चौधरी बताती हैं कि उन्हें परिवार से हमेशा से ही सहयोग मिला। वह देश के लिए कुछ बड़ा और अच्छा करना चाहती थी। वह चाहती थी कि देश की सेना में जाकर की व देश की सेवा करें। ट्रेनिंग के दौरान वह एकमात्र एकमात्र लडकी थी। इसके बाद भी उन्होंने अपने आत्मविश्वास को गिरने नहीं दिया और खुद पर भरोसा रख के आगे बढ़ी।

महिलाओं को संदेश देते हुए सुप्रिया चौधरी बताती हैं कि महिलाओं को देश की सेवा करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्हें हमेशा देश की सेवा करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। मेहनत और लगन से देश के सभी क्षेत्रों में महिलाओं को अपना योगदान दे सकती हैं, बल्कि दे भी रही हैं। महिलाएं देश की सेवा करने के लिए योग्य है सर्वश्रेष्ठ है। देश की सेना में शामिल होने की उन्हें बेहद खुशी है और वह सेना में रहकर के हर कार्य करने के लिए तैयार है। वह म’र मिटने के लिए तैयार है,मार मिटने के लिए तैयार हैं। भारत के तिरंगे की आन बान शान बनी रहे बस यही सुप्रिया चौधरी का अरमान हैं।

वाकई उनका जज्बा उनकी मेहनत काबिले तारीफ है। हम उन्हें बस यही कहेंगे कि जय हिंद आप पर हमें गर्व है।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

   
    >