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जोधपुर

स्कूल ने शरारती बच्चा कहकर निकाला, जोधपुर का लाल अक्षय यूके की कार्डिफ यूनिवर्सिटी में बना स्टूडेंट्स प्रेसिडेंट

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राजस्थान के युवा विदेशों में आए दिन धमाल मचाते रहते हैं, यहां के जबरैल वहां जाकर ऐसे उदाहरण सेट करते हैं कि हर कोई हैरान हो जाता है। अब जोधपुर के अक्षय को देखिए 10वीं में तीन बार स्कूल से निकाले जाने के बाद आज विश्व की टॉप कार्डिफ यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे हैं। अक्षय कार्डिफ में स्टूडेंट प्रेसिडेंट हैं और ब्रिटेन के स्टूडेंट को हरा कर अक्षय को पहले इंडयन प्रेसिडेंट बनने का गौरव हासिल हुआ।

जोधपुर का छोरा ब्रिटेन में स्टूडेंट प्रेसिडेंट

125 साल से पुरानी कार्डिफ यूनिवर्सिटी के इतिहास में य़हां के इंजीनियरिंग और डॉक्टर्स ही प्रेसिडेंट बनते रहे हैं लेकिन यह पहली बार है जब बाहर का कोई स्टूडेंट प्रेसिडेंट बना है। अक्षय ने सीनियर सैकंडरी, बीकॉम की पढ़ाई पुणे से पूरी की जिसके बाद यूएसए यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया बर्कले में एमबीए करने चले गए।

पीएचडी की पढ़ाई से पहले छोड़ी 1.5 करोड़ की नौकरी

एमबीए करने के बाद अक्षय यूएस की डिजास्टर मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी करने लगे। अक्षय जैन ने USA आर्मी के साथ तुफान में फंसे लोगों के लिए काम किया। लेकिन कुछ समय बाद नौकरी छोड़ कार्डिफ यूनिवर्सिटी में मैन्युफैक्चरिंग एंड मैनेजमेंट में पीएचडी में दाखिला लिया जहां 130 देशों के 14 हजार से अधिक छात्र पढ़ने आते हैं।

प्रेसिंडेंट बन करवाए कई काम

कार्डिफ यूनिवर्सिटी में प्रेसिंडेंट बनने के बाद अक्षय यहां के स्टूडेंट्स के चहेते बनते चले गए। उन्होंने स्पोर्टस व स्टडी को लेकर कई काम करवाए। इसके अलावा कॉलेज में आर्चरी, होर्स पोलो, शूटिंग सहित कई नए खेल शुरू करवाए। वहीं कोरोना काल में डिस्टेंस लर्निग के लिए भी स्टडेंट्स की मदद की।

 स्कूल में थे सबसे शरारती बच्चे

अक्षय के माता-पिता बचपन में उनकी हरकतें देख यह मान बैठे थे कि यह कुछ नहीं कर पाएगा। वह स्कूल के सबसे शरारती बच्चे करार दिए गए। स्कूल से निकाले जाने के बाद वह डे बोर्डिंग में रहे। फिलहाल अक्षय हाउस ऑफ लॉर्डस के चुनाव की तैयारी में लगे हैं जो सितंबर से नवंबर के बीच होने वाले हैं।

   
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