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जोधपुर

अश्विनी वैष्णव: IAS से देश के नए रेल मंत्री का सफर, कभी रहे अटल बिहारी वाजपेयी के पसंदीदा अधिकारी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में बीते बुधवार को हुए कैबिनेट विस्तार में कई भरोसेमंद चेहरों की विदाई हुई तो नए चेहरों ने हर किसी को चौंकाया।

कैबिनेट विस्तार के बाद 43 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली जिसके बाद उन्हें अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई। नए चेहरों में एक नाम पूर्व नौकरशाह अश्विनी वैष्णव का भी है जिन्होंने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली।

वैष्णव अब मोदी सरकार में रेल और आईटी जैसे दो बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालेंगे। वैष्णव को ओडिशा कोटे से कैबिनेट में जगह दी गई है।

कौन हैं अश्विनी वैष्णव ?

राजस्थान के पाली जिले से आने वाले 50 वर्षीय वैष्णव की शुरूआती पढ़ाई-लिखाई जोधपुर के महेश स्कूल से पूरी हुई। स्कूल के बाद अश्विनी इंजीनियरिंग करने एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचे। बीटेक पूरी करने के बाद फिर आईआईटी कानपुर से एमटेक पूरा किया। एमटेक करने के बाद अश्विनी विदेश चले गए जहां उन्होंने अमेरिका के व्हार्टन यूनिवर्सिटी पेनसिल्वेनिया से एमबीए किया। वहीं 1994 में वह ओडिशा काडर से एक आईएएस अधिकारी बने।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रहे पसंदीदा अधिकारी

अश्विनी ने अपनी कार्यकुशलता से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को काफी प्रभावित किया। वाजपेयी उनका काम देखकर उन्हें अपने कार्यालय ले आए और अपना उपसचिव नियुक्त किया। 2004 तक पीएमओ में काम करने के बाद वाजपेयी सरकार की हार होने के बाद उन्होंने सिविल सेवा से इस्तीफा देकर फिर अमेरिका चले गए।

IAS से राज्यसभा तक का सफर

अश्निनी वैष्णव ने 2003 तक ओडिशा सरकार में काम किया। बताया जाता है कि 1999 में आए भयंकर चक्रवात में उनके काम की आज भी सराहना की जाती है। बता दें कि उस दौरान वह ओडिशा सरकार में डिजास्टर मैनेजमेंट सलाहकार पद पर थे।

सिविल सेवा छोड़ने के बाद 28 जून 2019 को वह ओडिशा से राज्यसभा सदस्य चुने गए। आपको बता दें कि ओडिशा में भाजपा के पास विधायकों का संख्याबल नहीं होने के कारण मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अश्विनी के लिए समर्थन दिया था।

मोदी ने पहले लिख रखी थी वैष्णव के मंत्री बनने की पटकथा

वाजयेपी सरकार में काम करने के दौरान वैष्णव का संपर्क नरेंद्र मोदी से हुआ। इसके बाद मोदी गुजरात के सीएम बने और वैष्णव से भी नजदीकियां बनी रही।

बताया जाता है कि 2019 में वैष्णव को राज्यसभा पहुंचाने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री से समर्थन के लिए खुद पीएम मोदी ने अपील की थी। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार में एक बार फिर पीएम मोदी ने सरकारी कामकाज में माहिर नौकरशाह पर भरोसा दिखाया है।

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