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जोधपुर

रेगिस्तान में राणाराम बिश्नोई के 27 हजार से ज्यादा परिवार के सदस्य, थार के असली नायक की कहानी

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एक व्यक्ति के 27 हजार से ज्यादा परिवार के सदस्य हैं। यह बात पढ़ कर शायद आप अचम्भित हो गए होंगे। लेकिन किसी हद तक यह बात सही है। आज की एक ओर प्रेरणादायक कहानी हैं राणा राम बिश्नोई की। 82 वर्ष के जोधपुर के पास ओसिया गांव के रहने वाले हैं। उनकी कहानी हम आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि राणाराम ने अपने 25 बीघा जमीन के ऊपर 27000 पेड़ लगाए हुए हैं। आसपास के गांव में उन्हें ट्री मैन के नाम से जाना जाता है।

राणा नाम ने अपने आसपास 27 हजार पेड़ लगाए हुए हैं। जिसमें नीम, रोहिडा, बबूल, कंकेरी आदि के पेड़ शामिल है। वह 50 साल से भी ज्यादा समय से यह कार्य कर रहे हैं। रोजाना चार-पांच किलोमीटर पैदल चलकर जाते हैं और पेड़ों को पानी भी देते हैं। उनका रखरखाव भी करते हैं। उनके साथ पहले खामु राम बिश्नोई देते थे। लोग उन्हें टर्बन मैन के नाम से जानते हैं। अब राणा राम के बेटे भी उनकी मदद करवाता हैं।

राणाराम बताते हैं कि वह जहां भी जाते हैं तो बीज लेकर जाते हैं। अच्छी जगह देख कर के वहां बीज लगा देते हैं। अपने इस कार्य के विषय में बताते हैं कि उन्होंने बिना सरकार की मदद के यह सारा काम किया है। सरकार से मेडल तो मिले लेकिन सहायता नही मिली। पेड़ों को पानी देने के लिए उन्होंने जड़ में पाइप लगवा रखी है। जिससे पानी से आसानी से पेड़ो की जड़ में पहुंच जाए। वे कहते हैं कि उनके जिले में पानी की कमी है और यह एक बड़ा संकट बना हुआ है। इसके लिए वह सरकार से केवल एक मदद चाहते हैं कि अगर सरकार ट्यूबेल लगवा दें तो अच्छा हो। अगर ऐसा हो जाए तो उनका जोश और बढ़ जाएगा और वह इस काम को और तेजी से करने लगेंगे।

प्रेरणा मिलते ही काम शुरू कर दिया : पेड़ लगाने के पीछे वह बताते हैं कि गैर मानव जाति को भी धरती पर रहने का बराबर हक है। वे कहते हैं कि हम मानव के जन्म लेने से पहले ही पेड़ और जानवर जैसी प्रजातियां धरती पर थी। हम अपने लालच में आकर के इन्हें नष्ट करते जा रहे हैं। लेकिन हमें उनके साथ ऐसा नहीं करना चाहिए, पेड़ हमें ऑक्सीजन देता है। एक पेड़ के कई फायदे होते हैं, इसके लिए ही वह अपने गांव के आसपास की जमीन पर 27 हजार पेड़ लगा चुके हैं।

राणाराम उस समय ज्यादा चर्चा में आए जब आईएफएस अधिकारी प्रवीण कासवान ने ट्वीट करके उनके बारे में लिखा था। उन्होंने तस्वीर साझा करके लिखा था कि यह राणाराम है, इनका काम है आस-पास के गांव में पेड़ लगाना। 50 साल से यह इस काम को निस्वार्थ सेवा भाव से कर रहे हैं। अब तक 27 हजार पेड़ लगा चुके हैं। उनका रखरखाव करते हैं और पेड़ों को पानी भी देते हैं।

हम राणा राम बिश्नोई की इस निस्वार्थ सेवा भाव को सलाम करते हैं। आज कोरोना जैसे दौर में जहाँ ऑक्सीजन की कमी पड़ रही हैं वही राणा राम और उनके साथी पेड़ लगाकर ऑक्सीजन बना रहे हैं। पर्यावरण को बचाने में वह एक अनूठी पहल कर रहें हैं जो काबिले तारीफ हैं। तो हम कह सकते है राणाराम विश्नोई के 27000 से ज्यादा ये पेड़ उनके परिवार के सदस्य की तरह है जिनकी सेवा वो दिन रात करते है और पानी देते है। इस प्रेरणादायक कहानी के बारे में आपके क्या विचार है कमेंट बॉक्स में जरूर बताये।

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