लगातार असफल होने के बावजूद भी नहीं मानी हार, आखिर में मतेन्द्र ने UPSC परीक्षा कर दी पार

IAS Mahendra Meena Success Story: कहते हैं कि अगर आपके पास कुछ करने का जज्बा हो और आपने पूरी लगन और मेहनत से उस काम को करने की ठानी हो तो दुनिया की कोई ताकत आपको नहीं हरा सकती। अपने सपनों के प्रति आपको ईमानदार, कर्मठ तथा धैर्यधारी बनना ही होगा। रास्ते में कठिनाइयां आएंगी, लेकिन अगर आपमें ये गुण हुए तो ये कठनाइयां भी खुद-ब-खुद निकल जाएंगी। सवाई माधोपुर की तहसील बौंली के मतेन्द्र कुमार मीणा ने यूपीएससी परीक्षा में 7 बार असफल होने के बाद सफलता प्राप्त की है। यूपीएससी परीक्षा के परिणाम में मतेन्द्र कुमार मीणा ने ऑल इंडिया 640वीं रैंक हासिल कर पूरे इलाके का मान बढ़ाया है। मीणा को SC कोटे से 37वीं रैंक प्राप्त हुई है।

बौंली उपखंड से IAS बनने वाले पहले छात्र हैं मतेन्द्र

सात बार असफल होने के बाद आठवीं बार मतेन्द्र ने यूपीएससी परीक्षा पास की है। मतेन्द्र के मुताबिक उनका इस बार छठा इंटरव्यू था। बार-बार सफलता के नजदीक आकर असफल हो जाने के बावजूद भी मीणा ने अपनी तैयारियों को जारी रखा। इसी का परिणाम हुआ कि इस बार यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 640वीं रैंक हासिल कर खुद को साबित कर दिया। मतेन्द्र कुमार मीणा के पिता राजेन्द्र प्रसाद मीणा एसबीआई के मैनेजर पद से रिटायर्ड हैं।

मां प्रेमलता गृहणी हैंऔर इनके एक भाई और तीन बहनें हैं। मतेन्द्र कुमार मीणा की प्राथमिक शिक्षा बौंली के आदर्श विद्या मंदिर में हुई। इसके आईआईटी की तैयारी के लिए कोटा गए और 95 वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर रुड़की से आईआईटी पास किया। मीणा अपने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को देते है। वो कहते हैं कि आप व्यक्तिगत असफलता को भूल कर आगे बढ़ते रहे,आप जरूर सफल होंगे।

 

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