भैरोंजी का चमत्कारिक मंदिर- मन्नतें होती हैं पूरी यहां मदिरा है प्रसाद, जानें A टू Z जानकारी

Bheron Mandir in Reengus: भैरों जी का मंदिर रींगस, सीकर, राजस्थान।
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कोई मांगे खीर चूरमा,
कोई मांगे मदिरा।
कोई विराजे ऊंची चोटी,
कोई बैठा कंदरा।

भैरोंजी महाराज का चमत्कारिक धाम।
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दोस्तों नमस्कार।
दोस्तों आज मैं आपको एक ऐसे स्थान पर ले चलता हूं, जहां की महिमा अपरंपार है। जहां दर्शनों के लिए लंबी लाइन लगती है। जहां का नजारा देखकर आप भी अलौकिक वातावरण को महसूस करेंगे।

स्थान और परिचय।
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reengus news

सीकर (Sikar) जिले के रींगस (Reengus) कस्बे में भैरोंजी (Bheron Mandir in Reengus) महाराज के मंदिर के अंदर हमारी संवाददाता खुशबू ने प्रवेश  किया तो वह भी मंदिर की भव्यता देख मंत्रमुग्ध हो गईं। वहां की सजावट, रंग-बिरंगे दर्पण, मध्य भाग में बड़ा तोरण काफी बेहतरीन था, जिनके बार में पुजारी जी ने विस्तारपूर्वक बताया। नारायण जी ,शिव जी महाराज की चारों तरफ लगी हुई फोटो भी आकर्षण का केंद्र थी। भैरों जी महाराज की प्रतिमा मालाओं से लदी हुई सुशोभित हो रही है। भैरों जी महाराज का वाहन श्वान है, जिनकी मूर्तियांचांदी और दूसरी धातुओं से निर्मित है तथा दोनों तरफ वे विराजमान हैं। भैरों महाराज को साधारण रूप से मदिरा चढ़ाई जाती है। वैसे पूरी, हलवा का भोग भी लगाया जाता है। रींगस तथा उसके आस-पास के गांवों में जब भी किसी के घर में नवजात शिशु पैदा होता है,तो हर व्यक्ति भैरोंजी महाराज पर मदिरा अर्पित करता है।
गांवों में जिस घर में गाय अथवा भैंस के लवारा होता है, तब भी लोग भैरों जी महाराज के इस मंदिर में शराब चढ़ाने जाते हैं। भैरों जी महाराज की मूर्ति पर 21–21 किलो के दो छत्र चांदी के चढ़े हुए हैं, जो कि भक्तों के द्वारा ही चढ़ाए गए हैं।

स्थापना।
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bheron mandir

भैरों महाराज के मंदिर में सेवारत पुजारी ने खुशबू से बात करते हुए बताया कि हमारी12 या 13 पीढ़ियां इनकी सेवा में लगी हुई है। और यह मंदिर 500 से ज्यादा वर्ष पुराना है। पुजारी जी ने बताया कि आज से 500 वर्ष पहले एक भक्त गाय भैंस चराते थे और हर दम अपने पास झोली में इस लोढ़ी रूपी मूर्ति को रखते थे।
एक बार गाय चराते चराते यहां पर आ गए, और बैठकर आराम करने लग गए। लेकिन जब चलने लगे तो मूर्ति में इतना वजन हो गया कि उठी नहीं। उस समय भविष्यवाणी हुई कि इस जगह पर मेरे ब्रह्म हत्या का दोष लगा था। अब यहीं पर रहना है। यह मूर्ति पहले इतनी बड़ी नहीं थी। लेकिन रोज सिंदूर का लेप होते-होते इतनी बड़ी और भारी हो गई है।
भैरों महाराज का मुख्य प्रसाद क्या है, इसके जवाब में पुजारीजी कहते हैं कि बाटी, बाकल्ला,गुलगुला इनका मुख्य प्रसाद है। इसके अलावा मांस मदिरा का भोग भी आनंद पूर्वक चढ़ाया जाता है। बाबा की आरती में या अन्य उत्सव पर पहले दारू की धार लगाई जाती है। इससे बाबा बहुत खुश होते हैं। बाबा के विशाल मंदिर के (Bheron Mandir in Reengus) बारे में बात करते हुए पुजारी जी कहते हैं कि पहले हमको मकान नहीं बनाने देते थे। कहते थे कि मेरे सिरपर छाया कौन करेगा। उस के बाद में 2014 में यह विशाल मंदिर बाबा का बनाया गया।

अन्य।
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Bheron Mandir in Reengus
बैशाख और भाद्रपद में बाबा का बड़ा मेला लगता है। रविवार इनका मुख्य बार है। यहां पर भूतपूर्व सांसद गिरधारी लाल भार्गव जयपुर से तथा पूर्व उपराष्ट्रपति माननीय भैरों  सिंह जी (Chief President Bheron Singh) शेखावत की माताजी मुख्य रूप से यहां पर आया करते थे। बाबा के यहां मदिरा पर्याप्त मात्रा में चढ़ाई जाती है, लेकिन खास बात है कि कभी भी मदिरा की दुर्गंध वातावरण में नहीं फैलती। बाबा को अर्पित की गई दारू, तेल या अन्य वस्तु, कहीं भी इकट्ठी नहीं होती है। बाबा के तालाब में जाती हैं। और वहां पर लोगों के चरम रोग या अन्य बीमारी का नाश होता है। यहां पर पूरे भारतवर्ष से भक्त गण अपने काया कष्ट निवारण हेतु आते हैं।

अपने विचार।
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खाटू श्याम और भेरूजी रींगस,
दोनों बिराजे पास पास में।
शिक्षाप्रद कहानी इनकी,
घूमने जाओ साथ साथ में।

विद्याधर तेतरवाल,
मोतीसर।

पूरा वीडियो देख सकते हैं- 

 

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