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सीकर

राजस्थान के मांझी श्रवण कुमार जो 25 साल से सड़कों पर बना रहे हैं रास्ते, पेशे से हैं शिक्षक

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आपने बिहार वाले द मांझी माउंटेन मैन का नाम और काम दोनों सुना ही होगा जिन्होंने 22 सालों तक पहाड़ काट के लोगों के लिए रास्ता बनाया था। अस्पताल जाने के दौरान बीच में पड़ रहे पहाड़ को उन्होंने सालों की मेहनत के बाद काट दिया.

कुछ ऐसा ही देखने को राजस्थान में भी मिला जहां एक मांझी माउंटेन मैन की तरह लोगों की मदद करने के लिए रास्ता बना रहे हैं. हम बात करें हैं सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ तहसील गांव सांखू रहने वाले श्रवण कुमार की जो लगातार 25 सालों से लोगों को सुविधा पहुंचाने के लिए रास्ता ठीक कर रहे हैं.

कैसे आया विचार

श्रवण कुमार की बात करें तो साल 1995 में ही वह गांव से डूंडलोद जा रहे थे और देखा कि जिस रास्ते से वह जा रहे थे वहां अक्सर पानी भरा रहता है. ऐसे में दूसरे गांव जाने के लिए केवल एक मात्र रास्ता था। जिसके बाद रास्ते से गुजरते हुए उन्होंने प्रसव पीड़ा में एक महिला को चिल्लाते हुए देखा, उन्होंने देखा कि महिला उस रास्ते में फंस चुकी थी।

इसके बाद उन्होंने यह निश्चय किया कि जिस तरीके से उस महिला को परेशानी हुई वैसे अब किसी अन्य व्यक्ति को वह परेशानी नहीं होने देंगे. उन्होंने उस दिन के बाद गांववालों के साथ मिलकर उस रास्ते को कटवाया और उस दिन आज तक लगातार श्रवण लोगों के लिए रास्ते बनाने का काम कर रहे हैं।

पेशे से शिक्षक हैं श्रवण कुमार

श्रवण कुमार की बात करें तो वह धोद तहसील के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर हैं. गांव के निवासी बताते हैं कि वह रोजाना सुबह 5 बजे से लगातार 2 घंटे तक रास्तों को ठीक करने का काम करते हैं. वह रास्तों के बीच में बने गड्ढों को मिट्टी से भरने का काम करने के साथ ही उनकी मरम्मत करते हैं।

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