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सीकर

सीकर के दो भाईयों के लिए सरकारी नौकरी पाना बना मजाक, बड़े भाई का 11 और छोटे का 6 सरकारी पदों पर चयन

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सरकारी नौकरी पाना हर किसी के लिए सपने के साकार होने जैसा है, जिसके लिए लोग रात-दिन कड़ी मेहनत करते हैं। किसी के लिए नौकरी लगना बड़ी बात होती है तो कुछ के लिए फाइनल सेलेक्शन होना भर ही मायने रखता है।

लेकिन राजस्थान के सीकर में दो ऐसे भाई हैं जिन्होंने आपस में ही सरकारी नौकरी हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि बड़े भाई की 11 सरकारी नौकरी और छोटे भाई ने 6 सरकारी नौकरियों हासिल करने में सफलता पाई है।

कहानी है राजस्थान के सीकर जिले के गांव किरडोली में रहने वाले राकेश तानाण और महेंद्र तानाण की जिनमें बड़े भाई राकेश तानाण ने महज 29 साल की उम्र में ही 11 सरकारी नौकरियों में चयन पाया है। फिलहाल वह रसीदपुरा गांव में एक सरकारी स्कूल में द्वितीय श्रेणी के शिक्षक हैं और उनकी पत्नी मीना जाखड़ भी शिक्षिका हैं.

वहीं छोटा भाई महेंद्र तानाण फिलहाल ग्राम सेवक के पद पर कार्यरत है जिनका चयन 2017 में हुआ था. आइए एक नजर डालते हैं राकेश कुमार की सरकारी नौकरियों पर जिसकी फेहरिस्त देखकर आप हैरान हो जाएंगे।

राकेश कुमार की 11 सरकारी नौकरियां

  1. 2010 में पहली बार एसएससी एमटीएस रेलवे में सलेक्शन हुआ
  2. 2011 में एसएससी आर्मी की परीक्षा पास की
  3. 2011 में टेट और सीटेट की परीक्षा में सफलता हासिल की
  4. 2011 में एसएससी स्टेनोग्राफर की परीक्षा पास की
  5. 2011 में एसएससी की एक और परीक्षा पास की
  6. 2012 में थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा पास की
  7. 2013 में फिर थर्ड ग्रेड की परीक्षा दी
  8. 2013 में सैंकेड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी उत्तीर्ण हुए और सीकर में ज्वाइन किया
  9. 2015 में प्रथम श्रेणी व्याख्याता भर्ती पास कर बांसवाड़ा में पोस्टिंग पाई लेकिन ज्वाइन नहीं किया
  10. 2018 में प्रथम श्रेणी ​व्याख्याता परीक्षा राजनीतिक विज्ञान से उत्तीर्ण की
  11. 2018 में ही प्रथम श्रेणी ​व्याख्याता परीक्षा अंग्रेजी विषय से भी पास की

2013 में छोटे भाई को मिली थी पहली नौकरी

वहीं 25 वर्षीय छोटे भाई महेंद्र कुमार तानाण को 2013 में पहली नौकरी मिली थी जिन्होंने एलडीसी परीक्षा पास की थी. इसके बाद वह 2015 में रेलवे स्टेशन मास्टर, 2016 में पटवारी भी बने। इसके बाद 2016 में महेंद्र ने आरआरबी एनटीपीसी की भी परीक्षा पास की और 2017 में ग्राम सेवक और 2018 में द्वितीय श्रेणी शिक्षक के पद पर चयनित हुए.

दोनों भाईयों की केमिस्ट्री बेमिसाल

राकेश और महेंद्र के बारे में कहा जाता है कि दोनों भाईयों के बीच गजब की ट्यूनिंग है। दोनों ही शुरू से पढ़ाई में होशियार थे। घर पर कमरे में कुंडी लगाकर घंटों पढ़ा करते थे. राकेश कहते हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उन दोनों ने कभी कोचिंग नहीं की, दोनों घर पर ही एक दूसरे की मदद करके पढ़ाई करते थे।

सोशल मीडिया से रहते हैं दूर

वहीं राकेश आगे कहते हैं कि वह दोनों सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखते हैं। राकेश ने आखिरी बार सोशल मीडिया का इस्तेमाल 2013 में किया था. फिलहाल दोनों भाई आरएएसस और आईएएस की तैयारी में लगे हुए हैं।

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