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आठवीं पास मजदूर ने O – नेगेटिव ब्ल’ड देकर बचाई महिला की जा’न, पेश की इंसानियत की मिसाल

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मदद के लिए इंसान की नियत काफी होती है ना की उसकी शिक्षा और उसके पास जमा धन। इसी बात को सच साबित किया रघुनाथगढ़ के आठवीं पास मजदूर दिनेश देनवाल ने। दिनेश एक मजदूर है और मजदूरी का काम करते हैं। दिनेश केवल आठवीं कक्षा तक पढ़े हुए हैं लेकिन उसके बाद भी जो उन्होंने एक उदाहरण साबित किया जो हम सब को मदद के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करता है।

पूरे मामले की बात करें तो रघुनाथगढ़ के रहने वाले हैं दीपक, जिन्होंने बताया कि सबलपुर में रहने वाले उनके दोस्त दिलीप विक्की ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है। यह ग्रुप लोगों की मदद के लिए बनाया गया है यहां उनसे जुड़ी जानकारियां आती है। इसी को लेकर उन्होंने आगे बताया कि उनके पास गंगियासर निवासी विकास का फोन आया। विकास ने बताया कि उनकी भाभी को एनी’मिया की बी’मारी है, और वह अस्पताल में भर्ती हैं।

उनके इलाज के लिए डॉक्टर ने O नेगेटिव ब्ल’ड मांगा है। उनकी जान तभी बचाई जा सकती अगर उन्हें O नेगेटिव ब्ल’ड कहीं से मिल जाए। इसी को लेकर विकास ने दीपक को फोन किया। वही दीपक ने यह बात जब दिनेश को बताई तो दिनेश ने अपनी जेब से बस का किराया वहन किया। वह सीधे रघुनाथगढ़ से सीकर के एसके अस्पताल जा पहुंचे जहां विकास की भाभी भर्ती थी। दिनेश ने वहां जाकर अपना खू’न दिया और मरीज की जान बचाई। इस पर दिनेश ने कहा कि मदद के लिए जब परिवार के लोग आगे नहीं आ रहे हैं तो हम युवाओं को मदद के लिए आगे आना चाहिए, जिससे इंसानियत बची रहे।

उनके यह शब्द अपने आप में बयां करते हैं कि मदद के लिए पैसे, परिवार या शिक्षा नहीं इंसानियत होना बहुत जरूरी है।

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