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श्रीगंगानगर

IFS से आईएएस बन दिव्यांशु सिंगल ने अपनी दादी का पूरा किया सपना, 23 की उम्र में पास की परीक्षा

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आज हम आपको कहानी बताएंगे श्रीगंगानगर (Sri Ganganagar) केसरीसिंहपुर (Kesrisinghpur) के निवासी दिव्यांशु सिंगल (Divyanshu Singhal) की। दिव्यांशु सिंगल की कहानी बताने के पीछे एक बड़ा कारण यह है कि दिव्यांशु ने केवल 23 साल की उम्र में अपने पहले प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में 70वी रैंक हासिल करके आईएएस (IAS) बनने के सपने को पूरा कर लिया है। 22 जून 1997 को जन्मे दिव्यांशु ने अपने पहले प्रयास में आईएएस की परीक्षा को पास किया और सबसे कठिन बात तो यह रही कि दिव्यांशु ने अपने ऑप्शनल सब्जेक्ट में मैथ्स को चुना।

स्कूल में भी टॉपर रहे दिव्यांशु

दिव्यांशु की बात करें तो उन्होंने बीएससी की पढ़ाई की है। वहीं उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के हिंदू कॉलेज (Hindu College) से एमएससी (M.Sc) की भी पढ़ाई की है। इसके अलावा बाजीराव एंड रवी इंस्टीट्यूट से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की। एमएससी की पढ़ाई करने के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करना शुरू कर दिया था और 1 साल तक उन्होंने खुद को तैयार किया।

हम आपको बता दें तो दिव्यांशु सिंघल ने यूपीएससी के अलावा इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (Indian Forest Service) की परीक्षा को भी पास कर लिया था। लेकिन उन्होंने यूपीएससी (UPSC) के नतीजे का इंतजार किया क्योंकि उन्हें पूरा विश्वास था कि वे यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल करेंगे। दिव्यांशु सिंघल स्कूल के समय से ही होशियार थे, उन्होंने बीएसएफ स्कूल श्री गंगानगर जिले में 12वीं कक्षा में विज्ञान विषय में 97.20% अंक हासिल करके टॉप किया था।

माता-पिता और दादी का सपना हुआ पूरा

दिव्यांशु सिंघल के पिता एक निजी विद्यालय में व्यवस्थापक है। वहीं उनकी मां प्रोफेसर है और उनके बड़े भाई पोस्टल असिस्टेंट पद पर श्री गंगानगर में कार्यरत है। वहीं उनकी दादी दयावंती अपने पोते के आईएएस बनने से बहुत खुश है। आईएएस के नतीजे आने के बाद दिव्यांशु ने सबसे पहले अपनी दादी दयावंती को इस बात की खुशखबरी सुनाई। दादी ने कहा कि उनका हमेशा से सपना था कि उनके परिवार से कोई अफसर बने और उनके पोते दिव्यांशु ने इस बात को सच कर दिया है। साथ ही दादी ने आईएएस बनने वाले अपने पोते को आशीर्वाद के तौर पर कहा कि वह हमेशा गरीब और जरूरतमंदों की मदद करें।

दिव्यांशु सिंघल ने कहा है कि बड़े और भगवान के आशीर्वाद के साथ उन्हें यह परिणाम हासिल हुआ है। वह कहते हैं कि उन्होंने 8 से 10 घंटे तक की पढ़ाई रोजाना की थी।उन्हें खुशी है कि उन्होंने इस परीक्षा में सफलता हासिल की है। वही हम आपको बता दें तो दिव्यांशु सिंघल को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी सम्मानित किया हुआ है।

ऐसे की तैयारी और यह दिया सन्देश 

दिव्यांशु सिंघल ने अपनी तैयारी के पीछे कहा कि उन्होंने बड़ी ईमानदारी के साथ कड़ी मेहनत की है। वे कहते हैं कि उन्होंने पूरे समर्पण के साथ इस परीक्षा की तैयारी की थी और तभी उन्हें सफलता मिल पाई है। तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए दिव्यांशु कहते हैं कि तीन चीजों से दूर रहना सबसे ज्यादा जरूरी है। वे कहते हैं कि सोशल मीडिया से दूरी बना कर रखना सबसे ज्यादा जरूरी है, क्योंकि वहां फेक न्यूज़ ज्यादा होती है। इसके अलावा इंटरनेट को बेहतर तरीके से उपयोग करना सबसे ज्यादा जरूरी है।

वही मेहनत करना, दैनिक जीवन में अपना शत-प्रतिशत लगाकर अनुशासन से पढ़ाई करना सबसे ज्यादा आवश्यक है। वे कहते हैं कि अपने पसंदीदा विषय को ऑप्शनल विषय में चुनना चाहिए। जिस भी विषय में विद्यार्थी की समझ ज्यादा हो उसी विषय को ऑप्शनल के तौर पर चुना चाहिए। इसके अलावा सिलेबस को अच्छी तरह देख लेना चाहिए, वही इंटरनेट पर पूर्व टॉपर की इंटरव्यू देखने चाहिए।

इसके अलावा एक रणनीति को तैयार करना सबसे ज्यादा जरूरी है। वहीं अगर आपको तैयारी करते समय रणनीति में बदलाव करने की आवश्यकता पड़े तो वह भी करना चाहिए। एक सीमित किताबों के साथ यूपीएससी की तैयारी करना चाहिए जो आपके पास किताबें हैं उन्हीं सबसे अच्छा मानकर पूरी मेहनत लगन और ईमानदारी के साथ तैयारी करेंगे तो यूपीएससी की परीक्षा को पास किया जा सकता है।

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