लोहा बिनकर बेचने वाले, मेटल की दुनिया के बेताज बादशाह- वेदांता चेयरमैन अमित अग्रवाल की कहानी…

Vedanta Chairperson Anil Agarwal: जिंदगी में कुछ बड़ा करने के लिए सब्र और संघर्ष की दरकार सबसे ज्यादा होती है, इंसान जब इन दोनों को अपनी मंजिल की राह बनाकर आगे बढ़ता है, तब निश्चय ही सफलता कदम चूमती है। कुछ इसी राह से मिलती-जुलती कहानी है; माइनिंग और मेटल के बेताज बादशाह वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) की, जिन्होंने अपना सफर राजस्थान से शुरू किया। बीते शनिवार अग्रवाल ने बिरला ऑडिटोरियम (Birla Auditorium) में डिजिफेस्ट (Rajasthan Digi fest) के आखिरी सत्र में अपनी कहानी सुनाते हुए न केवल युवाओं को प्रेरक किया, बल्कि उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया कि जिंदगी में कामयाबी आपकी मेहनत का वह आईना होती है, जो इस बात का इल्हाम कराती है कि मेहनत से इतर कामयाबी का कोई अन्य शॉर्ट कट नहीं है। आइए, मेटल किंग (Metal King) की कहानी उन्हीं की जुबान में समझने की एक अदना कोशिश करते हैं, वह कहते हैं…

Vedanta Cahirperson Amit Aggarwal

मेरे पास समय देखने के लिए घड़ी तक नहीं हुआ करती थी। मुझे आज भी याद है जब मैं चौमूं (Chamu) और रींगस (Ringas) में रहता था, हमारे पास बाथरूम नहीं था, कोई घड़ी नहीं थी। ट्रेन जाती थी तब पता लगता था कितने बजे हैं। आज भी याद है पिताजी जहां-जहां भी ले गए, बिहार ले गए, मैं वहां पढ़ता गया। आप तो इतने पढ़े लिखे हैं, दुर्भाग्यवश मैं कई घरेलू परेशानियों के कारण ज्यादा पढ़ नहीं सका, वक्त और जरूरत का तकाजा था इसलिए मुझे काम की शुरुआत करनी पड़ी।  मेरी बहुत इच्छा थी, छोटी सी जगह से जब पहली बार ट्रेन में बैठा था, एक लोहे का बक्सा और बेडिंग लेकर मुंबई पहुंचा था, लेकिन दिल में अरमान इतने थे कि कुछ कर गुजरना है।

मैं आपको अपनी लाइफ स्टोरी बता सकता हूं। कैसे मैंने स्क्रैप का काम चालू किया, कैसे झाड़ू लगाकर स्क्रैप एकत्रित करके बेचा, 27 रुपए रेंट पर मुंबई में रहा। करीब 10-15 साल वहां रहने के बाद भी किसी ने मेरी पहचान नहीं की

आगे मेटल किंग अनिल अग्रवाल कहते हैं…

भारत में 140 करोड़ लोग हैं, इनकी बराबरी कोई नहीं कर सकता। हमारी दुनिया में अलग पोजिशन है। हम लोग टोलरेंट हैं, आगे बढ़ने का जज्बा है। आगे ऐसी डिमांड आने वाली है जिसे राजस्थान वाले पूरा करेंगे। राजस्थान के लोगों में आगे बढ़ने की ललक है। झोपड़ी में रहने वाला पक्का मकान बनाना चाहता है, एक कमरे वाले को दो कमरे का या इससे बड़ा मकान चाहिए। साइकिल वाले को स्कूटर या ई-बाइक चाहिए। बाइक वाले को कार चाहिए। दुनिया में ऐसा चाह और जुनून और कहीं नहीं है। दुनिया के जो भी देश आगे बढ़े हैं, उनकी महिलाएं काम करती हैं। दुनिया के जिन देशों ने तरक्की की है उन देशों में 50 से 80 फीसदी तक महिलाएं काम करती हैं। हमारे राजस्थान में केवल 20 फीसदी महिलाएं काम करती हैं। हमें हमारी महिलाओं को आगे लाना होगा, उन्हें अवसर देना होगा। महिलाओं के काम करने, उन्हें आगे बढ़ाने से ही देश-प्रदेश तरक्की करेगा।

आज हमारे प्रदेश की मिट्टी में गेहूं, चावल है, इसी मिट्टी में तेल है, सोना है। राजस्थान में ही मिडल ईस्ट है, कनाडा, यूएस है और ऑस्ट्रेलिया है जिसे आप बनाने वाले हो। आज हर गांव डिजिटल हो गया है। दुनिया में फैशन राजस्थान से ही जाता है। राजस्थान में सोना, चांदी और तेल के भंडार हैं।

राजस्थान के महत्त्व को बताते हुए अग्रवाल (Vedanta Chairperson Anil Agarwal) ने युवाओं और महिलाओं को भी प्रेरक किया। अग्रवाल का जन्म वैसे तो बिहार के पटना में हुआ लेकिन उन्होंने जयपुर-चौमूं, और सीकर-रींगस से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की है। वह वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के चेयरमैन है। प्रतिष्ठित मैग्जीन फोर्ब्स (Forbes) के मुताबिक, अग्राल देश के 63 वें अमीर व्यक्ति हैं उनके पास कुल 35000 करोड़ रुपए की संपत्ति हैं।

यह भी पढ़ें- ढाई रूपए की छात्रवृत्ति ने घिसाराम से बनाया करोड़पति फ़क़ीर डॉ. घासीराम वर्मा

Add Comment

   
    >
राजस्थान की बेटी डॉ दिव्यानी कटारा किसी लेडी सिंघम से कम नहीं राजस्थान की शकीरा “गोरी नागोरी” की अदाएं कर देगी आपको घायल दिल्ली की इस मॉडल ने अपने हुस्न से मचाया तहलका, हमेशा रहती चर्चा में यूक्रेन की हॉट खूबसूरत महिला ने जं’ग के लिए उठाया ह’थियार महाशिवरात्रि स्पेशल : जानें भोलेनाथ को प्रसन्न करने की विधि