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तेलंगाना

11 सालों से हैदराबाद में बुजुर्ग दंपत्ति भर रहे हैं सड़कों के गड्ढे, जेब से खर्च किए 40 लाख रूपए…पर क्यों ?

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तेलंगाना के हैदराबाद में रहने वाले 73 साल के गंगाधर तिलक कटनम को आजकल ‘रोड़ डॉक्टर’ के नाम से जाना जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि कोरोना काल चल रहा है कई डॉक्टरों से राब्ता हुआ लेकिन ये किस तरह के डॉक्टरी करते हैं। आइए आपको कौतूहल से बाहर निकालते हैं और बताते हैं इनकते पीछे की पूरी कहानी।

11 सालों से एक बुजुर्ग दंपत्ति भर रही है सड़कों के गड्ढे

हैदराबाद में एक बुजुर्ग दंपत्ति पिछले 11 सालों से लोगों की जान बचाने के लिए सड़कों पर खुले गड्ढों को भर रहे हैं। दंपत्ति इस काम के लिए अपने पैसे का इस्तेमाल करती है ताकि लोगों को गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।

गंगाधर तिलक कटनम अपनी पत्नी 64 वर्षीय वेंकटेश्वरी कटनम के साथ अपनी कार में सड़कों पर निकलते हैं और जहां कहीं भी गड्ढे मिलते हैं उनको भरते हैं।

गंगाधर कहते हैं कि गड्ढों के कारण सड़कों पर कई दुर्घटनाओं को देखने के बाद मैंने फैसला किया कि मैं खुद इन गड्ढों को भरूंगा।

वह कहते हैं कि शुरुआत में मैंने पुलिस और नगर पालिका के अधिकारियों से इस बारे में शिकायत करने की कोशिश की लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ।

गड्ढों को भरने के लिए खर्च किए 40 लाख रुपए

आपको बता दें कि तिलक ने लगभग 35 सालों से भारतीय रेलवे में एक कर्मचारी के रूप में काम किया। नौकरी से सेवानिवृत्ति होने के बाद वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में डिजाइन इंजीनियर के रूप में काम करने के लिए हैदराबाद आ गए जिसके बाद से वह शहर भर में गड्ढों को भरने का काम कर रहे हैं।

सड़कों को गड्ढों से भरने का जुनून ऐसा चढ़ा कि उन्होंने एक साल के भीतर डिज़ाइन इंजीनियर की नौकरी छोड़ दी और अब शहर के गड्ढों को भरने के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित कर दिया है।

गड्ढों को भरने के लिए लगने वाले खर्चे के बारे में वह कहते हैं कि मैं इस काम के लिए अपनी पेंशन से पैसे की प्रबंध करता हूं। उनके मुताबिक पिछले 11 सालों से वह शहर और उसके आसपास के इलाकों में लगभग 2,030 गड्ढों को भर चुके हैं जिसके लिए उन्होंने 40 लाख रुपए खर्च किए।

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