100 साल पहले चोरी हुई मूर्ती को भारत लाया गया वापिस,काशी विश्वनाथ में CM योगी करेंगे स्थापित

मां अन्नपूर्णा को सनातन धर्म में एक विशेष स्थान दिया जाता है। अन्न यानी भोजन की देवी अन्नपूर्णा माता को माना जाता है। उन्हीं अन्नपूर्णा माता (Annapurna Mata) की मूर्ति कनाडा से 100 साल बाद भारत वापस आ गई है। 100 साल पहले काशी से चोरी (Stolen) हुई मां अन्नपूर्णा की मूर्ति भारत लौट आई है और काशी (Kashi) में स्थापित की जाएगी।

शोभायात्रा निकलेगी योगी सरकार

मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को दिल्ली से वाराणसी (Delhi to Varanasi) तक सड़क मार्ग (Road) के द्वारा ले जाया जाएगा। यह यात्रा 11 तारीख को शुरू हो चुकी है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Uttar Pradesh Yogi Government) ने आदेश जारी किया है कि मां अन्नपूर्णा की मूर्ति की शोभा यात्रा निकालते हुए दिल्ली से वाराणसी मूर्ति को ले जाया जाएगा। करीब 19 जिलों में मां अन्नपूर्णा की शोभायात्रा (Shobha Yatra) निकलेगी और जहां जहां से भी यह यात्रा गुजरेगी वहां स्वागत समारोह भी आयोजित किया जाएगा। करीब 100 साल पहले वाराणसी से ही यह मूर्ति चोरी हुई थी और जिसे 100 साल बाद ही वापस लाया जा रहा है।

Annapurna Mata murti delhi shobha yatra

PM मोदी की सफलता 

मुख्य सचिव गृह विभाग अवनीश अवस्थी (Chief Secretary Home Department Awnish Awasthi) ने कहा है की मूर्ति को उत्तर प्रदेश ले जाया जाएगा। चार दिवसीय यात्रा यूपी सरकार वाराणसी तक निकालेगी। वहीं 15 नवंबर को खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditya Nath) विश्वनाथ मंदिर में मूर्ति की स्थापना पूरी प्राण प्रतिष्ठा के बाद करेंगे। वहीं विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी (Meenakshi Lekhi) ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 100 साल पहले यह मूर्ति चोरी हुई थी। जिसे हाल ही में कनाडा में बरामद किया गया और मूर्ति को 15 नवंबर को योगी सरकार स्थापित करेगी। भारत सरकार मूर्ति उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप रही है।

उत्तरप्रदेश में है पूरी तैयारी

वही लखनऊ के मेयर संयुक्ता भाटिया (Lucknow Mayor Sanyukta Bhatia) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narender Modi) की कोशिश की वजह से या मूर्ति उत्तर प्रदेश में वापस लाई गई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में शोभा यात्रा के लिए जबरदस्त तैयारियां की गई है। साथ ही लखनऊ के मेयर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि मूर्ति 100 साल पहले चोरी होकर कनाडा (100 YeAnnapurna Mata murti delhiars Old Murti) चली गई थी। इसके बाद कनाडा सरकार (Canada Government) से पीएम मोदी (PM Modi) ने बातचीत की और वही मूर्ति को भारत वापस लेकर आए हैं।

ऐसे बरामद हुई मूर्ति

दरअसल इस साल गैलरी प्रदर्शनी (Gallery Exibition),  वर्ल्ड हेरिटेज वीक (World Heritage Week) चल रहा था। इस दौरान भारत की कलाकार दिव्या मेहरा (Artist Divya Mehra) मैकेंजी मौजूद थी। दिव्या मेहरा ने प्रदर्शनी देखी और वह गैलरी से गुजरी तब उनकी नजर अन्नपूर्णा की मूर्ति पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाया और मूर्ति को भारत वापस करने की मांग भी की थी। उनका कहना था कि अवैध रूप से यह मूर्ति कनाडा लाई गई है, इसे भारत को वापस लौटा दिया जाना चाहिए। यह मूर्ति यूनिवर्सिटी आफ रेजिना (University Of Regina) में मिली थी। मूर्ति के एक हाथ में खीर और दूसरे हाथ में अन्न है। मूर्ति के बारे में अंतरिम राष्ट्रपति (Interim President) और विश्वविद्यालय के उप कुलपति (Vice Chancellor) थॉमस चेस (Thomas Chase) ने कनाडा में भारत के उच्चायुक्त (High Commission of India) अजय बिसारिया (Ajay Bisaria) को एक वर्चुअल समारोह (Virtual Program) अधकारिक रूप से इस मूर्ति की जानकारी दी थी। इस समारोह में मैकेंजी आर्ट गैलरी (McKenzie Art Gallery), ग्लोबल अफेयर्स कनाडा (Global Affaris Canada) और कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी (Canada Boarder Services Agency) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।

महादेव ने मांगी थी भिक्षा

वही मां अन्नपूर्णा को धन धान्य की देवी माना जाता है। काशी को अन्न का क्षेत्र भी कहा जाता है। कहते हैं कि जगत कल्याण के लिए भगवान शिव (Bhagwan Shiv)  ने भी मां अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी। ऐसे में 100 साल बाद इस मूर्ति के भारत वापस आ जाने के साथ-साथ उम्मीद है कि अन्नपूर्णा दरबार का 100 साल बाद एक अभिन्न हिस्सा यह मूर्ति बन जाएगी। मूर्ति को 15 नवंबर को प्रबोधिनी एकादशी (Prabodhini Ekadashi) के दिन स्थापित किया जाएगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (Kashi Hindu University) के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर विनय कुमार ने कहा है कि एकादशी का दिन शुभ है। एकादशी रविवार सुबह 9:00 बजे लग जाएगी और सोमवार सुबह 8:51 तक रहेगी। इस वजह से सोमवार को एकादशी का व्रत (Ekadashi Vart Somvaar Ko Lagega)  लगेगा और इस दिन मूर्ति की स्थापना खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विश्वनाथ मंदिर में करेंगे।

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दिल्ली से हुई रवाना

100 साल बाद भारत लौटी मां अन्नपूर्णा मूर्ति की शोभा यात्रा दिल्ली से शुरू हुई। नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट,नई दिल्ली (National Gallery Of Modern Art, New Delhi) में भारत आने के बाद मूर्ति को रखा गया था। जब वाराणसी के लिए शोभायात्रा (Shobha Yatra)रवाना हुई तब कई केंद्रीय व उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भी यात्रा में शामिल होने के लिए पहुचे थे। मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए केंद्रीय मंत्री जी.किशन रेड्डी(G Kishan Reddy),सांसद और विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी (Meenakshi Lekhi), दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Delhi BJP President Adesh Gupta), केंद्रीय उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) समेत केंद्र मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) भी पहुंचे थे। मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को साज सजावट करके रथ में सवार करके दिल्ली से रवाना किया गया है। अब यात्रा 14 तारीख को यह वाराणसी पहुंचेगी।

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