UP: रामवीर अपने घर 10 हजार प्लांट लगा कर रहे हैं हाइड्रोपोनिक खेती, कमाई होश उड़ा देगी!

Hydroponic System Farming in Hindi-उत्तर प्रदेश के बरेली (Bareilly) के रहने वाले रामवीर सिंह (Ramveer Singh) एक किसान है। उन्होंने मीडिया और शिक्षा के क्षेत्र में काफी दिनों तक काम किया है। लेकिन सब कुछ छोड़ कर गांव आ गए और खेती करने लगे। सबसे पहले ऑर्गेनिक फार्मिंग में हाथ आजमाया और फिर इसके बाद हाइड्रोपोनिक सिस्टम से सब्जियां उगाने लगे। रामवीर सिंह ने अपने3 मंजिला इमारत को हाइड्रोपोनिक सिस्टम में बदल दिया। दस हजार से अधिक प्लांट उसमें लगे हैं। रामवीर देश के विभिन्न हिस्सों में इस तकनीक को आगे बढ़ा रहे हैं इससे वो साल के 70-80 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं। रामवीर की खेती में हमेशा से रुचि रही है। इनके परिवार के पास कृषि के लिए काफी जमीन है और खेती से परिवार जुड़ा हुआ है।

रामवीर को पंसद है आर्गेनिक फार्मिंग

Ramveer Singh

रामवीर कहते हैं कि साल 2009 में उनके साथी के चाचा को कैंसर हुआ। वह कोई नशा नहीं करते थे। डाॅक्टर ने कहा कि सब्जियों में मिलें केमिकल्स से कैंसर हुआ है। तभी मुझे एहसास हुआ कि लोगों को कृषि के तरीके को लेकर जागरूक करना होगा। यही सब सोचकर रामवीर गांव लौट आए और ऑर्गेनिक फार्मिंग के तरीके से खेती करने लगे। सब्जियां, फल वगैरह की खेती का रिस्पाॅन्स अच्छा देखकर इसे बड़े स्तर पर करना शुरू कर दिया। आज उनकी गिनती एक सफल आर्गेनिक फार्मर के रूप में हो रही है। इस खेती में लागत से अधिक कमाई है। यह तरीका कम जमीन में भी काफी मुनाफा कमाने वाला कृषि व्यवसाय है। ओडिशा सहित विभिन्न इलाकों में भी रामवीर ने किसानों को फायदा पहुंचाया।

दुबई से मिला हाइड्रोपोनिक सिस्टम का आइडिया

रामवीर के मुताबिक, ‘मैं साल 2016 में दुबई (Dubai) गए थे। वहां मैंने देखा कि बिना जमीन के खेती हो रही है और मुनाफा भी मिल रहा है। इसे देखकर मैंने हाइड्रोपोनिक सिस्टम को करीब से समझा। इसके बाद जब वापस घर आया तो मैंने इस तकनीक को विकास किया। धीरे-धीरे हमें ये तकनीक समझ में आने लगा और मैंने इसे कमर्शियल लेवल पर ले जाने का प्लान किया। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें पानी की बचत काफी होती है।’

क्या होती है हाइड्रोपोनिक खेती?

हाइड्रोपोनिक सिस्टम खेती की एक ऐसी तकनीक (Hydroponic System Farming in Hindi) है जिसमें जमीन का इस्तेमाल नहीं होता। इसमें पाइप या स्टैंड में प्लाटिंग की जाती है। मिट्टी के जगह नारियल वेस्ट से तैयार नेचुरल फाइबर का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में पत्थर का भी उपयोग किया जाता है। रामवीर इस तकनीक से फल, सब्जियां, दलिया और गुड़ जैसे प्रोडक्ट तैयार कर रहे हैं। रामवीर पूरे देश में किसानों को इस तकनीक के बारे में जानकारी देते है। आज वों इस तकनीक के माध्यम से खेती कर लाखों रुपये कमा रहे हैं।

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