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उत्तर प्रदेश

पुजारी के बेटे ने तय किया UPPSC टाॅपर से IAS पद तक का सफर

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IAS Vishal Saraswat

आज हम आपको कहानी बताएंगे उत्तर प्रदेश (Uttar Pardesh) के मथुरा के कंकाली मंदिर (Mathura Kankali Mandir) प्रकाश नगर निवासी (Parkash Nagar)  विशाल सारस्वत की। विशाल सारस्वत (Vishal Saraswat) में यूपीएससी की परीक्षा में 591वी रैंक (AIR 591) लाकर आईएएस (IAS) बनने के सपने को पूरा किया है। वही विशाल 2019 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) परीक्षा में उत्तर प्रदेश में टॉप कर चुके है। विशाल ने यह मुकाम बिना कोचिंग के साथ हासिल किया है।

शिक्षा

विशाल सारस्वत की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने 2011 में हाईस्कूल महाराष्ट्र (High School From Maharashtra) से पास की थी। विशाल की बुआ महाराष्ट्र में रहती थी और वह वही पढ़ते थे। वही बात करें 12वीं कक्षा की तो उन्होंने एटा के सेंट पॉल स्कूल (Sent Paul School From Etta) से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई की थी। उसके बाद बीएससी कॉलेज (BSC College) से ग्रेजुएशन (Graduation Degree) की डिग्री प्राप्त की। विशाल ने केआर डिग्री कॉलेज से इनॉमिक्स की डिग्री प्राप्त की है।

vishal saraswat

ऐसे की तैयारी

विशाल सारस्वत अपनी तैयारी के पीछे कहते हैं कि उन्होंने तैयार के दौरान सबसे पहले सिलेबस को समझा और उसके बाद स्टडी मटीरियल (Study Material) को अच्छी तरीके से तैयार किया। विशाल सही रणनीति के साथ आगे बढ़े। विशाल कहते हैं कि वह अपने पहले आईएएस प्रयास में असफल हो गए थे। उन्होंने अपनी असफलता को खुद पर भारी नहीं होने दिया। विशाल उसके बाद भी तैयारी करते रहे और दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। विशाल कहते हैं की तैयारी करने के लिए हमें सबसे पहले अपनी क्षमता और अपनी रुचि को पहचानना जरूरी है। वही तैयारी करने के लिए पूर्व टॉपर के इंटरव्यू (Interview) और ब्लॉग (Blog)  पढ़ने चाहिए। कोचिंग के लिए विशाल का कहना है कि कोचिंग इतनी जरूरी नहीं है अगर आप सही गाइडेंस (Giddens For IAS) के साथ आगे बढ़ रहे है। मेहनत और सेल्फ स्टडी से भी परीक्षा को पास किया जा सकता है।

देते है यह सलाह

एक मंदिर के पुजारी के बेटे और सामान्य परिवार से आने वाले विशाल सारस्वत अभ्यर्थियों को सलाह देते हुए कहते हैं कि सही रणनीति के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए। एनसीईआरटी (NCERT Books) की किताबों को पढ़कर बेस को मजबूत करना चाहिए। वे कहते हैं कि जब तक रोज अभ्यास नहीं करेंगे तब तक कोई फायदा नहीं होगा। रोज तैयारी करके मंजिल पाई जा सकती है। कड़ी मेहनत सही रणनीति और रिवीजन के साथ-साथ आंसर राइटिंग प्रैक्टिस (Answer Writing Practice) और मॉक टेस्ट (Mock Test)  व ईमानदारी और कड़ी मेहनत सफलता के लिए जरूरी है।

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